
बांका : जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला की अध्यक्षता में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित की गई। बैठक में बांका जिला की स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर मातृ व शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, सिजेरियन ऑपरेशन, टीकाकरण और भाव्य कार्यक्रम की गहन समीक्षा की गई। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. सुनिल कुमार चौधरी, संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. सोहेल अंजूम, गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार सहित जिला स्वास्थ्य समिति के पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वास्थ्य से जुड़े सभी सूचकांकों में लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि बढ़ाई जाए। ताकि राज्य स्तर पर जिला की रैंकिंग कम से कम टॉप-05 में बनी रहे। जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में संस्थागत प्रसव की उपलब्धि को असंतोषजनक बताते हुए जिला पदाधिकारी ने चेतावनी दी कि आगामी माह में लक्ष्य के अनुरूप कम से कम 75 प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित की जाए। अन्यथा संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक व अस्पताल प्रबंधक का वेतन स्थगित किया जाएगा।
समीक्षा के दौरान बांका सदर अस्पताल में संस्थागत प्रसव और सिजेरियन ऑपरेशन में कमी को गंभीरता से लेते हुए उपाधीक्षक को निर्देश दिया गया कि रात्रि में संस्थागत प्रसव और सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा मरीजों को समय पर उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सभी चिकित्सकों को रोस्टर के अनुरूप कार्यस्थल पर समय से उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया। इस संदर्भ में सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया कि वर्तमान माह में सदर अस्पताल में रात्रि के समय सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध करा दी जाएगी। बैठक में सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच प्रथम एएनसी, द्वितीय एएनसी एवं चतुर्थ एएनसी शत-प्रतिशत सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। इसके लिए आशा एवं एएनएम के साथ साप्ताहिक बैठक कर स्वास्थ्य उपकेंद्रवार समीक्षा करने को कहा गया। मातृत्व एवं शिशु मृत्यु की समीक्षा के दौरान सभी मातृत्व मृत्यु मामलों में वर्बल ऑटोप्सी पूर्ण कर रोग के कारणों की जांच के उपरांत ही पोर्टल पर प्रतिवेदन अपलोड करने का निर्देश दिया गया। साथ ही संबंधित आशा एवं एएनएम के माध्यम से प्रसव उपरांत महिलाओं एवं नवजात शिशुओं का होम विजिट कर स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने और इसकी साप्ताहिक समीक्षा करने को कहा गया। समीक्षा में जिला पदाधिकारी ने पाया कि बांका सदर अस्पताल, रेफरल अस्पताल अमरपुर, बौंसी एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धोरैया में सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा संतोषजनक नहीं है। विशेष रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धोरैया में एक भी सिजेरियन ऑपरेशन नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई। संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं उपाधीक्षक को निर्देश दिया गया कि आगामी माह में लक्ष्य के अनुरूप सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। टीकाकरण की समीक्षा के दौरान गत माह बाराहाट, बांका और अमरपुर प्रखंडों में उपलब्धि कम पाई गई। जिस पर जिला पदाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया। संबंधित प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि बढ़ाने का निर्देश दिया गया। ताकि छूटे हुए बच्चों को विशेष टीकाकरण शिविर के माध्यम से आच्छादित करने को कहा गया। साथ ही वीएचएसएनडी साइटों के निरीक्षण के लिए प्रखंड स्तर पर टीम गठित करने का निर्देश दिया गया। गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन जांच और आईएफए टैबलेट वितरण की उपलब्धि को संतोषजनक बताया गया। भाव्य कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाइन ओपीडी कंसल्टेशन, वाइटल टेकन, चीफ कम्प्लेंट, प्रिस्क्रिप्शन डिस्पेंस, औसत वेटिंग टाइम एवं औसत जर्नी टाइम जैसे सूचकांकों की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व उपाधीक्षक को राज्य द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी सूचकांकों की प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।