
बांका (बिहार): देवों के देव महादेव की आराधना का महापर्व ‘महाशिवरात्रि’ अब बेहद करीब है। बांका जिले में इस पर्व को अत्यंत हर्षोल्लास, शांति और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में बुधवार को बांका टाउन थाना परिसर में एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक सुधीर कुमार और अंचलाधिकारी प्रियंका कुमारी ने संयुक्त रूप से की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार के विशेष आयोजन, जागरण या शिव बारात निकालने के लिए आधिकारिक लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
1. प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बांका शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्थित शिवालयों में महाशिवरात्रि के दिन भारी भीड़ उमड़ती है। बैठक में थानाध्यक्ष ने सभी मंदिर कमेटियों से भीड़ का आकलन मांगा है ताकि सुरक्षा बलों की सटीक तैनाती की जा सके।
इन प्रमुख मंदिरों पर रहेगी विशेष नजर:
- चांदन नदी तट स्थित भयहरणस्थान मंदिर
- विजयनगर स्थित शिवालय
- बाबूटोला का पंचमुखी हनुमान शिव मंदिर
- पुरानी ठाकुरबाड़ी और बैकुंठनाथ धाम
- जगतपुर शिवालय
प्रशासन ने निर्णय लिया है कि इन मंदिरों में सुबह से देर रात तक महिला और पुरुष पुलिस बल की अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को जलाभिषेक में कोई असुविधा न हो।
2. शिव बारात और ट्रैफिक रूट पर मंथन
बांका में हर साल बेलाटीकर गांव से निकलने वाली शिव बारात की विशाल झांकी आकर्षण का केंद्र होती है। इस बार भी नगर भ्रमण के दौरान जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक रूट में बदलाव पर विचार-विमर्श किया गया।
- वॉलंटियर्स की तैनाती: आयोजन समितियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्तर पर भी वॉलंटियर्स की नियुक्ति करें जो भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) में पुलिस का सहयोग करेंगे।
- नो एंट्री का समय: नगर परिषद चेयरमैन बालमुकुंद सिंहा के सुझाव पर, महाशिवरात्रि के दिन शहर में भारी वाहनों की ‘नो एंट्री’ का समय बढ़ाकर मध्यरात्रि 12 बजे तक करने का निर्देश अंचलाधिकारी ने दिया है।
3. डीजे संचालकों को कड़ी चेतावनी: अश्लील गानों पर पाबंदी
प्रशासन ने पर्व की पवित्रता बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने स्पष्ट कहा है कि:
- अश्लील संगीत पर रोक: किसी भी मंदिर या जुलूस में अश्लील भोजपुरी या आपत्तिजनक गीत नहीं बजाए जाएंगे।
- प्राथमिकी (FIR) की चेतावनी: यदि कोई डीजे संचालक नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर तुरंत FIR दर्ज की जाएगी।
- ध्वनि मानक: लाउडस्पीकर और डीजे की आवाज निर्धारित डेसिबल (मानकों) के अनुरूप ही होनी चाहिए।
4. असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर
शांति भंग करने की कोशिश करने वाले हुड़दंगियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
- सभी जनप्रतिनिधियों से अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्र के संदिग्ध व्यक्तियों की जानकारी पुलिस को दें।
- ग्रामीण इलाकों के शिवालयों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गश्ती वाहनों को लगातार भ्रमणशील रहने का आदेश दिया गया है।
- एहतियात के तौर पर निरोधात्मक कार्रवाई (Preventive Action) भी की जा रही है।
5. आयोजन के लिए ‘लाइसेंस’ है जरूरी
अंचलाधिकारी और थानाध्यक्ष ने सभी पूजा समितियों को निर्देशित किया है कि यदि वे कोई विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरण या जुलूस निकालना चाहते हैं, तो उन्हें अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय से विधिवत लाइसेंस प्राप्त करना होगा। बिना अनुमति के किसी भी सार्वजनिक आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
6. बैठक में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस महत्वपूर्ण बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें नगर परिषद चेयरमैन बालमुकुंद सिंहा, पार्षद रजनीश सिंह, विकास चौरसिया, मो. मुबारक, राहुल गुप्ता, मुखिया केदार सिंह, शिवनारायण यादव, मोजिबुर रहमान, बिमल सोरेन और अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे। सभी ने प्रशासन को सहयोग देने का आश्वासन दिया।
निष्कर्ष: एक सुरक्षित और सुखद महाशिवरात्रि की ओर
बांका प्रशासन की यह सक्रियता दर्शाती है कि शहर की सुरक्षा और धार्मिक सद्भाव उनकी प्राथमिकता है। bbrofficial.in अपने सभी पाठकों से अपील करता है कि महाशिवरात्रि का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश (Quick Links)
| विवरण | निर्देश |
| अनुमति/लाइसेंस | SDO कार्यालय से अनिवार्य |
| हेल्पलाइन | स्थानीय थाना या 112 डायल करें |
| प्रतिबंध | अश्लील गाने और तेज आवाज वाले डीजे |
| ट्रैफिक अपडेट | रात्रि 12 बजे तक भारी वाहनों की नो एंट्री |