
बांका : जिले के संत जोसफ स्कूल में प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव क्रिसमस पर्व को श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को क्रिसमस ट्री, सितारों, आकर्षक लाइटों और सजावटी सामग्रियों से सुसज्जित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना सभा और क्रिसमस संदेश के साथ हुई। जिसमें बच्चों को प्रभु यीशु के जीवन, प्रेम, करुणा और सेवा के संदेश के बारे में बताया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने क्रिसमस कैरोल, नृत्य व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर केक कटिंग समारोह आयोजित किया गया। साथ ही बच्चों के बीच केक और उपहारों का वितरण किया गया। इसके अलावा शहर के विजयनगर स्थित शेमफोर्ड लिटिल स्टार्स स्कूल में भी क्रिसमस डे मनाया गया। विद्यालय परिसर को क्रिसमस ट्री, रंग-बिरंगी सजावट और लाइटों से सजाया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना एवं क्रिसमस संदेश के साथ हुई। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सांता क्लाज की वेशभूषा में क्रिसमस गीत, नृत्य, कविताएं एवं लघु नाटिका प्रस्तुत की। विद्यालय के डायरेक्टर तपन कुमार ने बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि क्रिसमस पर्व प्रेम, शांति, क्षमा और सेवा की भावना का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के नैतिक और भावनात्मक विकास में सहायक होते हैं और उनमें मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं। वहीं कार्यक्रम के अंत में बच्चों को टाफी और उपहार वितरित किए गए। इस अवसर पर स्कूल कार्डिनेटर पूजा कुमारी सहित शिक्षिकाएं सौम्या, रोमा, प्रियदर्शिनी, प्रीति, पूनम आदि उपस्थित रहीं। इसके अलावा बांका जिले के अन्य निजी विद्यालयों में भी क्रिसमस पर्व को लेकर विशेष प्रार्थना सभाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
बांका जिले में ईसाई समुदाय के प्रमुख पर्व प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव क्रिसमस को इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक वातावरण के बीच हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिले के विभिन्न विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों और निजी स्कूलों में विशेष प्रार्थना सभाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, गीत-संगीत, नृत्य और बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से क्रिसमस का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया, जिससे पूरे वातावरण में उल्लास और पवित्रता का भाव व्याप्त हो गया।
संत जोसफ स्कूल में भव्य आयोजन
जिले के प्रतिष्ठित संत जोसफ स्कूल, बांका में क्रिसमस पर्व को विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर को क्रिसमस ट्री, चमचमाते सितारों, रंग-बिरंगी लाइटों, गुब्बारों और सजावटी सामग्रियों से बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया था। विद्यालय में प्रवेश करते ही ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा परिसर क्रिसमस के उल्लास में डूबा हुआ हो।
कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें प्रभु यीशु मसीह के जन्म से जुड़ी घटनाओं का स्मरण किया गया। प्रार्थना सभा के दौरान विद्यालय के शिक्षकों द्वारा बच्चों को प्रभु यीशु के जीवन दर्शन, उनके प्रेम, करुणा, त्याग, सेवा और मानवता के संदेश के बारे में विस्तार से बताया गया। बच्चों को यह समझाया गया कि क्रिसमस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि मानवता, प्रेम और शांति के मूल्यों को अपनाने का अवसर है।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
प्रार्थना सभा के पश्चात विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा क्रिसमस कैरोल, समूह नृत्य, एकल नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई। बच्चों ने प्रभु यीशु के जन्म से संबंधित लघु नाटिका भी प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने यीशु के जीवन संदेश को बेहद प्रभावशाली ढंग से दर्शाया। बच्चों की मासूमियत, उनकी कला और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित शिक्षकों, अभिभावकों और अतिथियों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान पूरा विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और बच्चों के उत्साह से गूंजता रहा। शिक्षकों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और सामाजिक मूल्यों का विकास करते हैं।
केक कटिंग और उपहार वितरण
क्रिसमस पर्व के उपलक्ष्य में विद्यालय में केक कटिंग समारोह का भी आयोजन किया गया। बच्चों ने मिलकर केक काटा और एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चों के बीच केक और उपहारों का वितरण किया गया। बच्चों के चेहरे पर खुशी देखते ही बन रही थी। छोटे-छोटे बच्चों ने सांता क्लॉज के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और पूरे दिन उत्सव का आनंद लिया।
शेमफोर्ड लिटिल स्टार्स स्कूल में भी मना क्रिसमस
बांका शहर के विजयनगर स्थित शेमफोर्ड लिटिल स्टार्स स्कूल में भी क्रिसमस डे को धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय परिसर को क्रिसमस ट्री, रंग-बिरंगी सजावट, झिलमिलाती लाइटों और आकर्षक पोस्टरों से सजाया गया था। पूरे स्कूल में बच्चों की चहल-पहल और उत्साह देखने लायक था।
कार्यक्रम की शुरुआत यहां भी विशेष प्रार्थना सभा और क्रिसमस संदेश के साथ हुई। इसके पश्चात नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सांता क्लॉज की वेशभूषा में मंच पर आकर क्रिसमस गीत, नृत्य, कविताएं और लघु नाटिकाएं प्रस्तुत कीं। छोटे बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभी का दिल जीत लिया।
डायरेक्टर ने दिया प्रेरणादायक संदेश
विद्यालय के डायरेक्टर तपन कुमार ने इस अवसर पर बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि क्रिसमस पर्व हमें प्रेम, शांति, क्षमा और सेवा की भावना का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु मसीह का जीवन हमें सिखाता है कि हमें सदैव दूसरों की सहायता करनी चाहिए और समाज में प्रेम और भाईचारे की भावना को मजबूत करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन बच्चों के नैतिक, मानसिक और भावनात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं और उन्हें एक बेहतर नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
टॉफी और उपहार पाकर बच्चों में दिखा उत्साह
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा बच्चों के बीच टॉफी और उपहारों का वितरण किया गया। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे पर खुशी की चमक देखने को मिली। अभिभावकों ने भी विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।
इस अवसर पर स्कूल की कोऑर्डिनेटर पूजा कुमारी सहित शिक्षिकाएं सौम्या, रोमा, प्रियदर्शिनी, प्रीति, पूनम एवं अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिले के अन्य विद्यालयों में भी आयोजन
क्रिसमस पर्व के अवसर पर बांका जिले के अन्य निजी एवं मिशनरी विद्यालयों में भी विशेष प्रार्थना सभाओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और बच्चों की प्रस्तुतियों का आयोजन किया गया। कई विद्यालयों में प्रभु यीशु के जन्म से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां बच्चों को प्रेम, करुणा और सेवा के महत्व के बारे में बताया गया।
विद्यालयों के अलावा चर्चों में भी विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे जिले में क्रिसमस पर्व को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला।
सामाजिक सौहार्द का संदेश
क्रिसमस पर्व ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि यह त्योहार केवल एक धर्म विशेष तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानवता, प्रेम और भाईचारे का पर्व है। विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं और आपसी सौहार्द का परिचय दिया।
कुल मिलाकर, बांका जिले में इस वर्ष क्रिसमस पर्व को शांतिपूर्ण, उल्लासपूर्ण और धार्मिक वातावरण के बीच मनाया गया। बच्चों की मुस्कान, शिक्षकों का मार्गदर्शन और अभिभावकों का सहयोग इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता रही।